अभी-अभी आई नवोदय पहली सूची, राज्य और जिलेवार ऐसे देखें : नवोदय विद्यालय में प्रवेश का सपना देखने वाले देश के कोने-कोने में बैठे लाखों छात्रों के लिए यह घड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिस क्षण का महीनों से बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार आ चुका है। नवोदय विद्यालय समिति ने पहली चयन सूची राज्यवार और जिलेवार आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। जैसे ही यह खबर फैली, हर राज्य और हर जिले में छात्रों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई। उत्तर प्रदेश से लेकर केरल तक, बिहार से लेकर गुजरात तक, हर कोने में बच्चे अपने मोबाइल पर अपने जिले की सूची देख रहे हैं। यह केवल नामों की फेहरिस्त नहीं, बल्कि उन बच्चों की रातों की मेहनत और परिवार के सपनों का प्रतिबिंब है जो अब साकार हो रहा है।
राज्यवार और जिलेवार सूची का महत्व
नवोदय विद्यालय की खासियत यही है कि यह हर जिले में समान अवसर प्रदान करता है। हर जिले के लिए अलग-अलग सीटें निर्धारित होती हैं और हर राज्य का अपना कोटा होता है। इसलिए राज्यवार और जिलेवार सूची का महत्व बहुत अधिक है। किसी बड़े शहर का छात्र हो या छोटे गांव का, सबको अपने जिले के हिसाब से मूल्यांकन किया जाता है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को भी बराबर का मौका मिलता है। हर जिले की अपनी प्रतियोगिता होती है और अपनी कट ऑफ, इसलिए अपने जिले की सूची देखना बेहद जरूरी होता है।
अपने राज्य और जिले की सूची कैसे देखें
नवोदय की पहली सूची राज्यवार और जिलेवार देखने की प्रक्रिया बिल्कुल सरल रखी गई है। सबसे पहले नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर “State Wise Result” या “District Wise Selection List” का लिंक मिलेगा। उस पर क्लिक करने के बाद आपको अपना राज्य चुनना होगा। राज्य चुनते ही उस राज्य के सभी जिलों की सूची खुल जाएगी। अब अपने जिले को सेलेक्ट करें। इसके बाद अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और सबमिट करें। तुरंत ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा। अगर आप चाहें तो पूरे जिले की मेरिट लिस्ट भी PDF format में डाउनलोड कर सकते हैं।
किन राज्यों में कितनी सीटें
नवोदय विद्यालय देशभर के लगभग हर जिले में स्थित हैं। बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नवोदय विद्यालय हैं, इसलिए यहां सीटों की संख्या भी अधिक होती है। वहीं छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम विद्यालय होने के कारण सीटें सीमित होती हैं। हर जिले में सामान्यतः एक नवोदय विद्यालय होता है और उसमें कक्षा 6 के लिए निश्चित संख्या में सीटें होती हैं। इन सीटों में आरक्षण का भी प्रावधान रहता है जिससे समाज के हर वर्ग को मौका मिल सके।
जिलेवार कट ऑफ में अंतर क्यों
एक दिलचस्प बात यह है कि हर जिले की कट ऑफ अलग-अलग हो सकती है। किसी जिले में प्रतियोगिता अधिक होने के कारण कट ऑफ ऊंची जाती है, तो कहीं कम प्रतिभागियों के कारण थोड़ी कम रहती है। शहरी जिलों में आमतौर पर कट ऑफ अधिक होती है क्योंकि वहां तैयारी के लिए ज्यादा संसाधन उपलब्ध होते हैं। वहीं ग्रामीण जिलों में कट ऑफ थोड़ी कम रह सकती है। इसलिए अपने जिले की पिछले साल की कट ऑफ देखना और इस बार की तुलना करना महत्वपूर्ण होता है।
चयनित छात्रों को अब क्या करना चाहिए
जिन छात्रों का नाम अपने जिले की सूची में आ गया है, उनके लिए यह गर्व और खुशी का पल है। लेकिन साथ ही अब आगे की तैयारियों पर भी ध्यान देना जरूरी है। अपनी जिलेवार सूची का प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रखें। जल्द ही आपके जिले के नवोदय विद्यालय से दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की सूचना आएगी। जन्म प्रमाण पत्र, उसी जिले का निवास प्रमाण पत्र, जाति और आय प्रमाण पत्र सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। ध्यान रहे कि निवास प्रमाण पत्र उसी जिले का होना चाहिए जहां से आपने परीक्षा दी है।
जिनका नाम नहीं आया, क्या करें
अगर आपके जिले की सूची में नाम नहीं आया है तो निराश होने की जरूरत नहीं है। कई बार वेटिंग लिस्ट भी जारी होती है, इसलिए नियमित रूप से अपने जिले की अपडेट चेक करते रहें। और सबसे महत्वपूर्ण बात, नवोदय में न जाना आपकी प्रतिभा पर सवाल नहीं उठाता। आगे की पढ़ाई पर ध्यान दें और मेहनत जारी रखें। हर सफल व्यक्ति के जीवन में कुछ असफलताएं आती हैं, लेकिन वे हार नहीं मानते। आप भी अपनी राह खुद बनाएं।
निष्कर्ष
नवोदय की पहली सूची का राज्यवार और जिलेवार जारी होना देश के हर कोने में हजारों परिवारों के लिए खुशी और उम्मीद लेकर आया है। अपने राज्य और जिले की सूची देखना बेहद आसान है – बस आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, अपना राज्य और जिला चुनें और रोल नंबर डालें। चाहे आपका नाम सूची में हो या न हो, याद रखें कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती और सफलता के और भी रास्ते हैं।
