नवोदय फॉर्म 2025: ग्रामीण छात्रों के लिए विशेष निर्देश
नवोदय विद्यालय समिति द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा (JNVST) में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भाग लेते हैं। वास्तव में, नवोदय विद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ही ग्रामीण प्रतिभाओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना है। इसीलिए ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को विशेष वरीयता दी जाती है।
लेकिन अक्सर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र या उनके अभिभावक फॉर्म भरते समय कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं जिससे उनका फॉर्म निरस्त हो सकता है या उन्हें ग्रामीण कोटे का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए यह आवश्यक है कि ग्रामीण छात्र कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि नवोदय विद्यालय फॉर्म 2025 को भरते समय ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और कौन सी गलतियाँ नहीं करनी चाहिए।

ग्रामीण छात्रों के लिए क्या जरूरी है?
1. स्कूल का स्थान ग्रामीण क्षेत्र में होना चाहिए
नवोदय विद्यालय में ग्रामीण कोटे के लिए आवश्यक है कि छात्र की पढ़ाई 3rd, 4th और 5th कक्षा तक लगातार एक ऐसे स्कूल में हुई हो जो भारत सरकार द्वारा “ग्रामीण क्षेत्र” की श्रेणी में आता हो। यदि स्कूल किसी शहर या नगर पंचायत क्षेत्र में आता है, तो छात्र ग्रामीण कोटे का पात्र नहीं माना जाएगा।
2. प्रमाण पत्र जरूरी है
फॉर्म भरते समय एक प्रमाण पत्र देना होता है जिसमें यह बताया जाता है कि छात्र ने 3rd से 5th तक की पढ़ाई एक सरकारी मान्यता प्राप्त ग्रामीण स्कूल से की है। यह प्रमाण पत्र प्रधानाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए। बिना इस प्रमाण पत्र के फॉर्म अधूरा माना जाएगा।
3. ग्राम पंचायत या तहसील की जानकारी सही भरें
फॉर्म में जब क्षेत्र से संबंधित जानकारी मांगी जाती है, तो छात्र को यह स्पष्ट करना होता है कि वह किस ग्राम पंचायत, विकासखंड और तहसील से संबंधित है। यह जानकारी स्कूल प्रमाण पत्र से मेल खानी चाहिए।
4. पते की जानकारी स्पष्ट और सही हो
छात्र का स्थायी पता और स्कूल का पता दोनों फॉर्म में मांगे जाते हैं। यदि दोनों में अंतर हुआ, और वह ग्रामीण कोटे की पात्रता को प्रभावित करता है, तो छात्र का फॉर्म निरस्त हो सकता है।
5. BPL प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
यदि छात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से है और उसे विशेष प्राथमिकता लेनी है, तो इसका प्रमाण पत्र संलग्न करना जरूरी होता है। यह प्रमाण पत्र जिला प्राधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।
ग्रामीण छात्रों को क्या नहीं करना चाहिए?
1. शहरी स्कूल का पता न दें
कई बार छात्र या अभिभावक अनजाने में उस स्कूल का नाम या पता डाल देते हैं जो किसी नगर या शहरी क्षेत्र में आता है, भले ही बच्चा गांव से हो। इससे ग्रामीण कोटे का लाभ नहीं मिलता। इसलिए स्कूल का पता भरते समय पूरी जानकारी लें।
2. किसी दूसरे पते का इस्तेमाल न करें
फॉर्म में वही पता दें जो प्रमाण पत्रों में है। किसी और का पता डालने से दस्तावेज मेल नहीं खाएंगे और आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
3. प्रमाण पत्र में हेरफेर न करें
गांव का लाभ उठाने के लिए कई बार लोग नकली प्रमाण पत्र या गलत जानकारी वाले दस्तावेज लगाते हैं। लेकिन प्रवेश के समय दस्तावेज सत्यापन होता है और उस समय यदि कोई जानकारी झूठी पाई जाती है तो प्रवेश रद्द कर दिया जाता है।
4. जल्दीबाजी में फॉर्म न भरें
कई बार छात्र या उनके माता-पिता जल्दबाजी में फॉर्म भर देते हैं और बाद में महसूस होता है कि कोई जानकारी गलत हो गई है। ग्रामीण छात्रों को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि उनकी पूरी जानकारी, प्रमाण पत्र और पात्रता सही तरीके से फॉर्म में दर्ज हो।
5. स्कूल की मान्यता की जांच करें
फॉर्म भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि जिस स्कूल से छात्र ने 3rd से 5th कक्षा तक पढ़ाई की है, वह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हो और उसका स्थान ग्रामीण क्षेत्र में हो। यदि स्कूल बिना मान्यता का है या अर्धशहरी क्षेत्र में है तो ग्रामीण कोटा नहीं मिलेगा।
ग्रामीण कोटे के छात्रों को क्यों मिलती है प्राथमिकता?
नवोदय विद्यालय की स्थापना ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसलिए कुल सीटों का कम से कम 75% हिस्सा ग्रामीण छात्रों के लिए आरक्षित होता है। यह कोटा तभी लागू होता है जब छात्र ने निर्धारित कक्षाएं ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल से की हों।
इसका लाभ तभी मिलता है जब:
- छात्र की पढ़ाई केवल ग्रामीण क्षेत्र से हुई हो
- दस्तावेजों में सही जानकारी हो
- प्रमाण पत्र सही तरीके से भरा गया हो
विशेष सुझाव ग्रामीण छात्रों के लिए
- गांव के सरकारी स्कूल से प्रमाण पत्र जरूर लें – इसमें यह लिखा होना चाहिए कि छात्र ने 3rd, 4th और 5th की पढ़ाई वहां की है और वह स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है।
- फॉर्म भरते समय पते में ग्राम, पोस्ट, थाना, जिला आदि सही-सही भरें।
- हर दस्तावेज को स्कैन करते समय साफ रखें और उसका साइज निर्धारित सीमा में रखें।
- अगर स्कूल के प्रधानाचार्य को फॉर्म भरने या प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी हो रही हो, तो उनसे पहले से संपर्क करें और आवश्यक दिशा-निर्देश दें।
- फॉर्म भरने के बाद उसकी एक कॉपी अपने पास रखें। भविष्य में सत्यापन के समय बहुत जरूरी होती है।
निष्कर्ष
नवोदय विद्यालय कक्षा 6 में प्रवेश के लिए ग्रामीण छात्रों को बड़ी प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें और नियमों का पालन करना जरूरी है। यदि छात्र और अभिभावक समय रहते सभी दस्तावेज तैयार करें, सही जानकारी भरें और बिना गलती के आवेदन करें तो उन्हें प्रवेश परीक्षा में शामिल होने और चयनित होने का पूरा मौका मिलेगा।
गांव के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। नवोदय जैसे संस्थान उनके लिए सुनहरा अवसर है। बस जरूरत है सही जानकारी, सही तैयारी और सही दिशा की।
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