नवोदय विद्यालय समिति ने जेएनवीएसटी कक्षा 6 का रिजल्ट 2026 ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दिया है। जिन छात्रों का नाम सिलेक्शन लिस्ट में आया है, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि दस्तावेज सत्यापन कब होगा और इसके लिए क्या-क्या तैयारी करनी होगी। एडमिशन कन्फर्म करने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समय पर प्रवेश लेने के लिए हर जानकारी समझना जरूरी है।
दस्तावेज सत्यापन की संभावित तारीख
नवोदय रिजल्ट 2026 घोषणा के आधार पर, दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 7-15 दिनों के अंदर शुरू होने की संभावना है। पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार, आमतौर पर रिजल्ट आने के एक हफ्ते बाद से वेरिफिकेशन शुरू हो जाता है। हर जिले में अलग-अलग तारीखें हो सकती हैं। कुछ बड़े जिलों में 2-3 दिन तक वेरिफिकेशन चलता है। सटीक तारीख की सूचना SMS, ईमेल या स्कूल के नोटिस बोर्ड पर दी जाएगी। अनुमानित समय फरवरी 2026 के तीसरे या चौथे हफ्ते में हो सकता है।
सूचना कैसे और कहां मिलेगी
चयनित छात्रों को दस्तावेज सत्यापन की सूचना तीन तरीकों से दी जाती है। पहला – रजिस्ट्रेशन के समय दिए गए मोबाइल नंबर पर SMS आएगा जिसमें तारीख, समय और स्थान की जानकारी होगी। दूसरा – ईमेल आईडी पर विस्तृत सूचना भेजी जाएगी। तीसरा – आवंटित नवोदय विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर लिस्ट चिपकाई जाएगी। कुछ जिलों में स्कूल प्रशासन फोन कॉल भी करता है। इसके अलावा navodaya.gov.in पर भी डिस्ट्रिक्ट वाइज शेड्यूल अपलोड किया जाता है। इसलिए वेबसाइट पर रोजाना चेक करते रहें।
कहां होगा दस्तावेज सत्यापन
दस्तावेज सत्यापन आमतौर पर आपके आवंटित जवाहर नवोदय विद्यालय में होता है। यह वही स्कूल होता है जिसका नाम आपके रिजल्ट में लिखा है। कुछ जिलों में जहां एक से ज्यादा नवोदय स्कूल नहीं हैं, वहां जिला मुख्यालय पर किसी सरकारी भवन में वेरिफिकेशन कैंप लगाया जा सकता है। पहाड़ी या दूर-दराज के इलाकों में ब्लॉक स्तर पर भी वेरिफिकेशन सेंटर बनाए जाते हैं। सटीक स्थान की जानकारी SMS में दी जाएगी। गूगल मैप पर पता चेक करके रास्ता पहले से देख लें।
किसके साथ जाना होगा
दस्तावेज सत्यापन के लिए छात्र के साथ माता-पिता या कानूनी अभिभावक का जाना अनिवार्य है। केवल छात्र अकेले जाए तो वेरिफिकेशन नहीं होगा। अभिभावक की पहचान के लिए उनका आधार कार्ड, वोटर आईडी, या कोई सरकारी पहचान पत्र साथ होना चाहिए। अगर माता-पिता किसी कारणवश नहीं आ सकते तो कानूनी अभिभावक (दादा-दादी, चाचा-चाची, बड़े भाई-बहन जो 21 साल से ऊपर हों) आ सकते हैं, लेकिन उन्हें अभिभावकता का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। दोनों माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है तो मृत्यु प्रमाण पत्र भी लाना होगा।
कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए
दस्तावेज सत्यापन के लिए निम्नलिखित कागजात अनिवार्य हैं: जन्म प्रमाण पत्र (नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी – स्कूल TC में दी गई जन्मतिथि नहीं चलेगी), मूल निवास प्रमाण पत्र (तहसीलदार या SDM द्वारा जारी – कम से कम 3 साल पुराना निवास साबित करना होगा), जाति प्रमाण पत्र यदि SC/ST/OBC में हैं (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी – पिता के नाम पर होना चाहिए), आय प्रमाण पत्र यदि EWS कैटेगरी में हैं (8 लाख से कम वार्षिक आय), कक्षा 5 की मार्कशीट या स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड (छात्र और अभिभावक दोनों का), 6-8 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (हाल ही की खिंचवाई गई), बैंक पासबुक की कॉपी (छात्र या अभिभावक के नाम), और परीक्षा का एडमिट कार्ड।
दस्तावेजों की कॉपी कैसे तैयार करें
सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स की 2-3 सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी बना लें। सेल्फ अटेस्ट करने का मतलब है हर कॉपी पर अपने हस्ताक्षर करना और “True Copy” लिख देना। A4 साइज के पेपर पर ही कॉपी कराएं। सभी कागजात एक साफ फाइल या फोल्डर में व्यवस्थित रूप से रखें। ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स भी साथ रखें क्योंकि अधिकारी उनका मिलान करेंगे। अगर कोई डॉक्यूमेंट फटा या गंदा है तो उसकी नई कॉपी बनवा लें। सभी पेपर्स को क्रम से लगाएं ताकि वेरिफिकेशन के समय परेशानी न हो।
सत्यापन प्रक्रिया कैसे होगी
निर्धारित तारीख को सुबह 9-10 बजे तक पहुंचें (देरी से आने पर वेरिफिकेशन नहीं होगा)। रिपोर्टिंग काउंटर पर अपना नाम और रोल नंबर बताएं। एक टोकन या नंबर दिया जाएगा। अपनी बारी का इंतजार करें। जब नाम पुकारा जाए तो वेरिफिकेशन डेस्क पर जाएं। स्कूल के प्रिंसिपल या नियुक्त अधिकारी आपके सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे। जन्मतिथि, निवास स्थान, जाति प्रमाण की विशेष रूप से पुष्टि होगी। ओरिजिनल और कॉपी का मिलान किया जाएगा। सब सही पाए जाने पर एक एक्नॉलेजमेंट रसीद या वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह बहुत महत्वपूर्ण है, इसे संभाल कर रखें।
अगर कोई दस्तावेज गलत निकला तो
दस्तावेज सत्यापन के समय अगर कोई कागजात गलत, फर्जी, या अधूरा पाया गया तो सिलेक्शन तुरंत रद्द हो जाएगा। जन्मतिथि में एक दिन का भी अंतर नहीं होना चाहिए – रिजल्ट में जो तारीख है, वही सभी दस्तावेजों में होनी चाहिए। निवास प्रमाण पत्र कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए (यानी 2023 या उससे पहले का)। जाति प्रमाण पत्र में पिता का नाम बिल्कुल वैसा ही होना चाहिए जैसा एडमिट कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र में है। कोई भी मिसमैच हुआ तो एडमिशन कैंसल हो सकता है। इसलिए पहले से ही सभी दस्तावेजों को अच्छी तरह चेक कर लें।
वेरिफिकेशन के बाद क्या होगा
दस्तावेज सत्यापन सफलतापूर्वक होने के बाद 3-5 दिनों में मेडिकल चेकअप के लिए बुलाया जाएगा। यह या तो स्कूल में आयोजित मेडिकल कैंप में होगा या फिर आपको नजदीकी सरकारी अस्पताल से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लाने को कहा जाएगा। डॉक्टर सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। मेडिकल सर्टिफिकेट मिलने के बाद फाइनल एडमिशन फॉर्म भरना होगा। उसके बाद हॉस्टल रूम और क्लास सेक्शन अलॉट किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया 20-30 दिनों में पूरी हो जाती है। स्कूल सत्र आमतौर पर जुलाई-अगस्त से शुरू होता है।
महत्वपूर्ण सावधानियां
समय पर पहुंचें – देरी बर्दाश्त नहीं की जाती। सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स साथ रखें, केवल कॉपी से काम नहीं चलेगा। अधिकारियों से विनम्र और सहयोगी व्यवहार रखें। अगर किसी डॉक्यूमेंट में कोई समस्या बताई जाए तो बहस न करें, बल्कि सुधारने का प्रयास करें। पानी की बोतल और कुछ खाने का सामान साथ रखें क्योंकि लंबा इंतजार हो सकता है। छोटे बच्चों को घर पर छोड़ें, केवल जिस छात्र का वेरिफिकेशन है वही लाएं। किसी भी अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश न करें – यह अपराध है और सिलेक्शन कैंसल हो सकता है।
निष्कर्ष
नवोदय रिजल्ट 2026 आ चुका है और दस्तावेज सत्यापन जल्द ही शुरू होने वाला है। चयनित छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अभी से ही सभी कागजात तैयार कर लें और रोजाना अपडेट्स चेक करते रहें। यह एडमिशन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है – इसमें लापरवाही आपका सपना तोड़ सकती है। सभी दस्तावेज सही और पूरे होने चाहिए। समय पर पहुंचें, सहयोग करें, और अपने नवोदय विद्यालय में प्रवेश का सुनहरा अवसर पक्का करें!
