Navodaya Admit Card 2026 कब आएगा? 28 नवंबर की परीक्षा से पहले ये सब जान लीजिए

Navodaya Admit Card 2026 कब आएगा? 28 नवंबर की परीक्षा से पहले ये सब जान लीजिए

हर साल अक्टूबर और नवंबर के महीनों में लाखों घरों में एक ही सवाल घूमता है कि बच्चे का एडमिट कार्ड कब निकलेगा। इस साल भी वही हाल है। जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) कक्षा 6 के लिए आवेदन करने वाले माता-पिता रोज़ वेबसाइट खोलकर देखते हैं, और बच्चे किताबें खोलकर बैठे हैं। आइए पूरी तस्वीर साफ़ करते हैं, ताकि अफ़वाहों के चक्कर में कोई न पड़े।

सबसे पहले: परीक्षा की तारीख क्या है?

नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 6 में प्रवेश की चयन परीक्षा 28 नवंबर 2026 को रखी गई है। आवेदन की आख़िरी तारीख पहले 31 जुलाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 7 अगस्त किया गया। यानी रजिस्ट्रेशन का दौर खत्म हो चुका है। अब जो बच्चे फॉर्म भर चुके हैं, उनका पूरा ध्यान तैयारी और एडमिट कार्ड पर है।

एक छोटी सी सलाह। परीक्षा की तारीख, समय और केंद्र हमेशा अपने एडमिट कार्ड से मिलाइए। किसी भी वेबसाइट या यूट्यूब वीडियो पर आँख मूँदकर भरोसा मत कीजिए, इस लेख पर भी नहीं। आख़िरी फ़ैसला समिति का नोटिस ही करेगा।

एडमिट कार्ड कब जारी होगा?

सीधी बात यह है कि अभी तक समिति ने कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की है। अब थोड़ा पिछले रिकॉर्ड पर नज़र डालते हैं, क्योंकि समिति का तरीका हर साल लगभग एक जैसा रहता है।

पिछले साल परीक्षा 13 दिसंबर को थी और एडमिट कार्ड 18 नवंबर को आ गया था। यानी परीक्षा से करीब 25 दिन पहले। कई जिलों में विद्यालयों ने 26-27 नवंबर तक भी बच्चों और अभिभावकों को सूचना दी थी कि कार्ड अब वेबसाइट पर उपलब्ध है।

इस पैटर्न को इस साल पर लगाएँ तो 28 नवंबर की परीक्षा के हिसाब से एडमिट कार्ड अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले-दूसरे हफ़्ते के बीच आ सकता है। यह पूरी तरह अनुमान है, कोई आधिकारिक वादा नहीं। इसलिए न इस तारीख पर टिककर बैठिए, न घबराइए। बस अक्टूबर के आख़िर से रोज़ एक बार पोर्टल देख लीजिए।

कुछ अभिभावक पूछते हैं कि क्या एडमिट कार्ड डाक से भी आएगा। जवाब है नहीं। NVS हार्ड कॉपी नहीं भेजता। पूरा काम ऑनलाइन है और आपको खुद डाउनलोड करना होगा।

एडमिट कार्ड डाउनलोड कैसे करें?

जब कार्ड जारी हो जाए, तब का तरीका बहुत आसान है। इसमें कुछ मिनट ही लगते हैं।

सबसे पहले navodaya.gov.in खोलिए। यही समिति की मुख्य वेबसाइट है। रजिस्ट्रेशन वाला पोर्टल cbseitms.rcil.gov.in/nvs/ भी इस्तेमाल होता है। होमपेज पर कक्षा 6 के एडमिट कार्ड का लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक कीजिए। फिर आपसे रजिस्ट्रेशन नंबर और बच्चे की जन्मतिथि माँगी जाएगी। ये दोनों चीज़ें सही-सही भरिए। इसके बाद कैप्चा कोड डालकर सबमिट कीजिए, और एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर खुल जाएगा। इसे PDF में सेव कीजिए और साफ़ प्रिंट निकलवाइए।

यहाँ एक आम परेशानी बताता हूँ। रजिस्ट्रेशन नंबर अक्सर लोग भूल जाते हैं। फॉर्म भरते समय मोबाइल पर आया मैसेज या दिया गया प्रिंटआउट संभालकर रखिए। अगर नंबर खो गया है तो पोर्टल पर “रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए” जैसा विकल्प मिल सकता है। न मिले तो अपने नज़दीकी नवोदय विद्यालय या ज़िला नवोदय कार्यालय से संपर्क कीजिए। कार्ड आने के बाद की हड़बड़ी से बेहतर है कि यह तैयारी अभी कर ली जाए।

एडमिट कार्ड में क्या-क्या लिखा होता है?

कार्ड मिलते ही उसे सरसरी नज़र से नहीं, ध्यान से पढ़िए। इसमें आमतौर पर ये जानकारियाँ होती हैं: बच्चे का नाम, रोल नंबर, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, श्रेणी, परीक्षा केंद्र का नाम और पूरा पता, परीक्षा की तारीख और रिपोर्टिंग का समय। साथ में परीक्षा के दिन के निर्देश भी छपे होते हैं।

अगर नाम, जन्मतिथि या फोटो में कोई गड़बड़ी दिखे तो सबसे पहले अपने ज़िले के जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात कीजिए। परीक्षा के दिन गलती निकली तो समय नहीं बचेगा। इसलिए डाउनलोड करने के दिन ही पूरा मिलान कर लीजिए।

परीक्षा का पैटर्न: कितने सवाल, कितना समय?

यह परीक्षा ऑफ़लाइन होती है, यानी बच्चे को OMR शीट पर गोले भरने होते हैं। कुल 80 प्रश्न पूछे जाते हैं और अंक 100 होते हैं। समय 2 घंटे का मिलता है।

पेपर तीन हिस्सों में बँटा होता है। मानसिक योग्यता में 40 प्रश्न और 50 अंक होते हैं। इसमें पैटर्न पहचानना, आकृतियों का मिलान, गुम हुई आकृति ढूँढना, दर्पण प्रतिबिंब और तर्क वाले सवाल आते हैं। अंकगणित में 20 प्रश्न और 25 अंक होते हैं, जिसमें जोड़-घटाव, गुणा-भाग, भिन्न, दशमलव, समय, मुद्रा और क्षेत्रफल जैसे विषय रहते हैं। भाषा में 20 प्रश्न और 25 अंक होते हैं, जहाँ अनुच्छेद पढ़कर उससे सवालों के जवाब देने होते हैं।

ध्यान देने की बात यह है कि आधे अंक अकेले मानसिक योग्यता से आते हैं। फिर भी ज़्यादातर बच्चे अंकगणित पर सबसे ज़्यादा जोर लगाते हैं। यह गलती है। मानसिक योग्यता का अभ्यास सस्ता, मज़ेदार और जल्दी असर दिखाने वाला होता है।

नेगेटिव मार्किंग इस परीक्षा में नहीं होती। इसलिए कोई भी सवाल खाली मत छोड़िए। जो न आए, उसमें भी अंदाज़ा लगाकर गोला भर दीजिए।

कौन बैठ सकता है परीक्षा में?

पात्रता के कुछ बुनियादी नियम हैं। बच्चे को उसी ज़िले का निवासी होना चाहिए जहाँ के नवोदय विद्यालय में वह आवेदन कर रहा है, और उसी ज़िले के किसी सरकारी या सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ रहा हो। जन्मतिथि की एक तय सीमा होती है, जो हर साल सूचना पुस्तिका (Bulletin) में लिखी जाती है। इस साल की सटीक सीमा के लिए बुलेटिन देख लीजिए, क्योंकि अलग-अलग साल में बदलाव होते रहे हैं।

सीटों का बँटवारा भी जान लेना अच्छा है। कुल सीटों में कम से कम 75 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए रहती हैं। लगभग एक-तिहाई सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिलता है, और दिव्यांग बच्चों के लिए भी प्रावधान है।

परीक्षा के दिन क्या साथ ले जाएँ?

एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी जरूरी है। सिर्फ़ मोबाइल में दिखाने से बात नहीं बनती। साथ में कोई मान्य पहचान पत्र रखिए, जैसे आधार कार्ड या स्कूल का आईडी। कुछ केंद्रों पर प्रधानाचार्य से सत्यापित फोटो माँगा जाता है, इसलिए एक-दो पासपोर्ट साइज़ फोटो भी जेब में रखिए। लिखने के लिए नीला या काला बॉल पेन लेकर जाइए। OMR शीट पर पेंसिल का इस्तेमाल अक्सर मना होता है, इसलिए निर्देश ध्यान से पढ़ें।

कैलकुलेटर, मोबाइल, स्मार्टवॉच, किताब-कॉपी या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान केंद्र के अंदर नहीं ले जाया जा सकता। छोटे बच्चे अक्सर घबराहट में कुछ भूल जाते हैं, इसलिए एक रात पहले ही बैग तैयार रख दीजिए।

समय पर पहुँचने का मतलब सिर्फ़ रिपोर्टिंग टाइम से पहले पहुँचना नहीं है। केंद्र नया हो तो पहले से रास्ता देख आना समझदारी है। कई बार केंद्र किसी दूसरे गाँव के स्कूल में होता है और वहाँ पहुँचने में उम्मीद से ज़्यादा वक्त लग जाता है।

अब बचे हैं करीब दो महीने: तैयारी कैसे करें?

28 नवंबर में अब लगभग आठ-नौ हफ़्ते बचे हैं। यह समय कम भी नहीं है और ज़्यादा भी नहीं। अगर बच्चा रोज़ ढंग से बैठे तो नतीजे अच्छे आ सकते हैं।

पुराने प्रश्नपत्र हल कराइए। यह सबसे असरदार तरीका है। NVS के पिछले साल के पेपर समिति की वेबसाइट पर मिल जाते हैं। हफ़्ते में कम से कम दो बार पूरा पेपर 2 घंटे की घड़ी लगाकर हल कराइए। इससे बच्चे को पता चलता है कि कौन सा हिस्सा कितना समय खाता है।

मानसिक योग्यता को रोज़ का खेल बनाइए। रोज़ 20-25 मिनट पैटर्न और आकृतियों के सवाल करने से दिमाग उस सोच का आदी हो जाता है। शुरुआत में बच्चे को ये सवाल अजीब लगते हैं, लेकिन दो हफ़्ते बाद रफ़्तार अपने आप बढ़ने लगती है।

अंकगणित में बुनियादी बातों पर पकड़। पहाड़े, भिन्न और दशमलव का आधार मजबूत हो तो आधा काम हो जाता है। कक्षा 5 की किताब को एक बार फिर से दोहरा लेना काफ़ी है।

भाषा के लिए पढ़ने की आदत। अख़बार का एक छोटा सा लेख या बाल पत्रिका की कहानी रोज़ पढ़वाइए, फिर उससे दो-तीन सवाल पूछिए। अनुच्छेद वाले सवाल इसी से आसान होते हैं।

OMR का अभ्यास। यह छोटी बात लगती है, पर कई होशियार बच्चे यहीं चूक जाते हैं। गलत गोले में निशान लग जाना या सवाल नंबर आगे-पीछे हो जाना असली नुकसान कराता है। अभ्यास के समय भी असली OMR शीट पर गोले भरवाइए।

आख़िरी हफ़्ते में कोई नया टॉपिक मत शुरू कीजिए। बस दोहराइए, पूरी नींद दिलाइए और बच्चे को हल्का-फुल्का रखिए। दबाव में बच्चे वह भी भूल जाते हैं जो उन्हें आता है।

अभिभावकों के लिए एक सच्ची बात

इस परीक्षा में लाखों बच्चे बैठते हैं और सीटें सीमित हैं। इसलिए चयन आसान नहीं है। लेकिन यह भी सच है कि हर साल गाँव-देहात के साधारण स्कूलों से बच्चे यहाँ पहुँचते हैं। महँगी कोचिंग ही रास्ता नहीं है। लगातार अभ्यास और सही मार्गदर्शन कई बार कोचिंग से ज़्यादा काम आते हैं।

बच्चे पर नंबरों का बोझ मत डालिए। दस साल की उम्र में परीक्षा का तनाव बहुत भारी होता है। अगर वह इस बार न निकले, तो भी उसके पास आगे के रास्ते खुले रहते हैं। यह बात बच्चे को सुनाइए, ताकि वह डरकर नहीं, मन लगाकर परीक्षा दे।

फर्ज़ी खबरों और ठगों से सावधान

एडमिट कार्ड के समय सोशल मीडिया पर कई अफ़वाहें घूमती हैं। कोई कहता है कि फलाँ तारीख को कार्ड आ गया, तो कोई “सीधा लिंक” भेजता है। ज्यादातर ऐसे लिंक या तो बेकार होते हैं या आपका डेटा चुराने के लिए बने होते हैं। एडमिट कार्ड हमेशा मुफ़्त मिलता है। कोई पैसे माँगे तो समझ लीजिए कि वह ठग है। भरोसेमंद जगह सिर्फ़ navodaya.gov.in और NVS का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल है।

इसी तरह “सीट पक्की करवा दूँगा” जैसे दावे करने वालों से दूर रहिए। नवोदय में चयन सिर्फ़ परीक्षा और मेरिट के आधार पर होता है। किसी के पास कोई शॉर्टकट नहीं है।

एडमिट कार्ड न आए तो क्या करें?

कभी-कभी कार्ड जारी होने के बाद भी सर्वर धीमा चलता है या लिंक खुलता नहीं। घबराइए मत। थोड़ी देर बाद, खासकर सुबह जल्दी या रात में, दोबारा कोशिश कीजिए। सबसे ज़्यादा भीड़ पहले दो दिनों में रहती है। अगर कई दिन बाद भी रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालने पर कार्ड न दिखे, तो अपने ज़िले के नवोदय विद्यालय से संपर्क कीजिए। वहाँ से मदद मिल जाती है। परीक्षा के दिन से पहले यह समस्या सुलझ जानी चाहिए।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहें तो Navodaya कक्षा 6 की परीक्षा 28 नवंबर 2026 को होनी है। एडमिट कार्ड की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई, पर पिछले साल के हिसाब से यह अक्टूबर के अंत से नवंबर के शुरुआती दिनों के बीच आ सकता है। कार्ड navodaya.gov.in से रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि के सहारे मुफ़्त डाउनलोड होगा। उसे प्रिंट कराइए, पहचान पत्र के साथ रखिए और समय से केंद्र पहुँचिए।

अभी से सबसे ज़रूरी काम तैयारी है। पुराने पेपर, मानसिक योग्यता का रोज़ का अभ्यास और OMR की आदत, ये तीन चीज़ें अगले दो महीनों में सबसे ज़्यादा काम आएँगी। बाकी अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाए रखिए।

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