Navodaya Cut Off आ गई – State Wise Full Report
Navodaya Vidyalaya Selection Test को लेकर जिस खबर का लाखों छात्र और अभिभावक बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह अब सामने आ चुकी है। Navodaya Cut Off आ गई है और इसके साथ ही राज्यवार स्थिति भी धीरे-धीरे स्पष्ट होती जा रही है। इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि किस राज्य में कट ऑफ कितनी रही, कहां प्रतियोगिता ज्यादा रही और किन राज्यों के छात्रों को अपेक्षाकृत राहत मिली।
हर साल नवोदय कट ऑफ को लेकर भ्रम, अफवाहें और अंदाजों का दौर चलता है। लेकिन जब आधिकारिक स्तर पर स्थिति साफ होती है, तब असली तस्वीर सामने आती है। इस लेख में Navodaya Cut Off की State Wise पूरी रिपोर्ट को सरल, साफ और इंसानी अंदाज में समझाया गया है ताकि छात्र और अभिभावक बिना किसी उलझन के स्थिति को समझ सकें।

Navodaya Cut Off का State Wise होना क्यों जरूरी है
बहुत से छात्र यह मान लेते हैं कि Navodaya Cut Off पूरे देश के लिए एक जैसी होती है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। नवोदय विद्यालयों में चयन राज्य और जिले के आधार पर किया जाता है, इसलिए कट ऑफ भी State Wise तय होती है।
हर राज्य में छात्रों की संख्या, परीक्षा में प्रदर्शन, सीटों की उपलब्धता और प्रतिस्पर्धा का स्तर अलग-अलग होता है। इसी कारण किसी राज्य में कट ऑफ अधिक जाती है, तो किसी राज्य में अपेक्षाकृत कम रहती है।
State Wise Cut Off को समझना इसलिए जरूरी है ताकि छात्र अपनी वास्तविक स्थिति का सही आकलन कर सकें और दूसरों से अनावश्यक तुलना न करें।
इस साल Navodaya Cut Off को लेकर कुल मिलाकर क्या स्थिति रही
इस वर्ष Navodaya परीक्षा का स्तर मध्यम से थोड़ा कठिन माना गया। कुछ विषयों में प्रश्न आसान थे, जबकि कुछ हिस्सों में छात्रों को सोचने में समय लगा। इसका सीधा असर कट ऑफ पर भी देखने को मिला।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार कट ऑफ न बहुत ज्यादा ऊपर गई और न ही बहुत ज्यादा नीचे। जिन छात्रों ने नियमित और संतुलित तैयारी की थी, वे अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थिति में नजर आ रहे हैं।
अब State Wise रिपोर्ट देखने पर यह बात और स्पष्ट हो जाती है कि किन राज्यों में प्रतियोगिता ज्यादा रही और कहां छात्रों को थोड़ा राहत मिली।
उत्तर प्रदेश Navodaya Cut Off स्थिति
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है और यहां नवोदय परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या भी बहुत अधिक होती है। इसी कारण यहां प्रतियोगिता हमेशा तेज रहती है।
इस साल भी उत्तर प्रदेश में कट ऑफ अपेक्षाकृत ऊंची रही है। खासकर सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए कट ऑफ अन्य कई राज्यों की तुलना में ज्यादा देखने को मिली।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ जिलों में स्थिति थोड़ी संतुलित रही, लेकिन कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश उन राज्यों में शामिल रहा जहां हाई स्कोर की जरूरत पड़ी।
बिहार Navodaya Cut Off रिपोर्ट
बिहार में नवोदय विद्यालयों के लिए छात्रों की रुचि लगातार बढ़ रही है। हर साल यहां से बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं।
इस बार बिहार की कट ऑफ मध्यम से ऊंचे स्तर पर रही। जिन छात्रों ने मजबूत तैयारी की थी, उनके लिए चयन की संभावना अच्छी बनी हुई है।
कुछ जिलों में कट ऑफ अपेक्षाकृत कम रही, जिससे वहां के छात्रों को थोड़ी राहत मिली है।
राजस्थान Navodaya Cut Off विश्लेषण
राजस्थान में नवोदय कट ऑफ को लेकर इस बार संतुलित स्थिति देखने को मिली। परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन औसत से अच्छा रहा, लेकिन प्रतियोगिता अत्यधिक नहीं रही।
इस कारण राजस्थान की कट ऑफ कई बड़े राज्यों की तुलना में थोड़ी नियंत्रित रही। जिन छात्रों का स्कोर कट ऑफ के आसपास है, उनके लिए वेटिंग लिस्ट की संभावना भी बनी हुई है।
मध्य प्रदेश Navodaya Cut Off स्थिति
मध्य प्रदेश में नवोदय विद्यालयों की संख्या अच्छी है, लेकिन छात्रों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
इस साल यहां कट ऑफ मध्यम स्तर की रही। कुछ जिलों में प्रतियोगिता ज्यादा रही, जबकि कुछ क्षेत्रों में छात्रों को राहत मिली।
मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल रहा जहां मेहनत करने वाले छात्रों को उचित परिणाम मिला।
महाराष्ट्र Navodaya Cut Off रिपोर्ट
महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में क्षेत्रीय अंतर काफी देखने को मिलता है। कुछ जिलों में कट ऑफ ऊंची गई, जबकि कुछ जिलों में स्थिति संतुलित रही।
कुल मिलाकर महाराष्ट्र की कट ऑफ मध्यम से थोड़ी ऊंची रही, लेकिन यह उत्तर भारत के कुछ राज्यों जितनी अधिक नहीं रही।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को कुछ हद तक लाभ मिला है।
हरियाणा Navodaya Cut Off स्थिति
हरियाणा में नवोदय परीक्षा को लेकर जागरूकता काफी ज्यादा है। यहां छात्रों की तैयारी का स्तर भी अच्छा रहता है।
इस साल हरियाणा में कट ऑफ अपेक्षाकृत ऊंची रही। कम अंतर से कट ऑफ चूकने वाले छात्रों की संख्या भी अच्छी खासी रही है।
ऐसे छात्रों के लिए आगे वेटिंग लिस्ट पर नजर रखना जरूरी होगा।
पंजाब Navodaya Cut Off रिपोर्ट
पंजाब में नवोदय कट ऑफ इस बार संतुलित रही। न तो बहुत ज्यादा ऊंची और न ही बहुत कम।
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पंजाब में मेहनत करने वाले छात्रों को सही अवसर मिला है।
झारखंड Navodaya Cut Off स्थिति
झारखंड में नवोदय परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या सीमित रहती है, लेकिन चयन के प्रति रुचि बढ़ रही है।
इस साल झारखंड की कट ऑफ अपेक्षाकृत कम से मध्यम स्तर की रही। इससे यहां के कई छात्रों को फायदा हुआ है।
छत्तीसगढ़ Navodaya Cut Off रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में नवोदय कट ऑफ इस बार संतुलित रही। परीक्षा का स्तर यहां के छात्रों के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विशेष रूप से लाभ मिला है।
पश्चिम बंगाल Navodaya Cut Off स्थिति
पश्चिम बंगाल में नवोदय कट ऑफ मध्यम से थोड़ी ऊंची रही। कुछ जिलों में प्रतियोगिता ज्यादा रही, जिससे कट ऑफ ऊपर गई।
हालांकि कई क्षेत्रों में स्थिति सामान्य रही और छात्रों को उम्मीद बनी हुई है।
दक्षिण भारत के राज्यों की स्थिति
दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में नवोदय कट ऑफ आमतौर पर संतुलित रहती है।
इस साल भी यहां कट ऑफ न ज्यादा ऊंची गई और न ही बहुत कम। छात्रों का प्रदर्शन औसत से अच्छा रहा, लेकिन अत्यधिक प्रतिस्पर्धा नहीं रही।
इन राज्यों में कट ऑफ का अंतर जिला स्तर पर ज्यादा देखने को मिलता है।
उत्तर पूर्वी राज्यों की Navodaya Cut Off रिपोर्ट
उत्तर पूर्वी राज्यों में नवोदय कट ऑफ आमतौर पर कम रहती है, क्योंकि यहां छात्रों की संख्या सीमित होती है।
इस साल भी असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा जैसे राज्यों में कट ऑफ अपेक्षाकृत कम रही।
यहां के छात्रों को चयन का अच्छा अवसर मिला है।
State Wise Cut Off समझते समय किन बातों का ध्यान रखें
State Wise Cut Off को समझते समय केवल दूसरे राज्य से तुलना करना सही नहीं होता। हर छात्र को अपनी श्रेणी, जिला और स्थानीय प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर स्थिति देखनी चाहिए।
कट ऑफ केवल एक सीमा है, चयन पूरी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
Cut Off के बाद आगे की प्रक्रिया
Cut Off क्लियर करने वाले छात्रों के लिए अगला चरण मेरिट लिस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का होता है।
इसलिए सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
जिनका स्कोर कट ऑफ से कम है उनके लिए क्या विकल्प हैं
यदि किसी छात्र का स्कोर कट ऑफ से कम है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है।
वेटिंग लिस्ट, अतिरिक्त चयन और अन्य शैक्षणिक विकल्प हमेशा मौजूद रहते हैं।
Navodaya में चयन न होना जीवन की हार नहीं है।
निष्कर्ष
Navodaya Cut Off आ गई है और State Wise रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि इस साल चयन प्रक्रिया संतुलित रही है। कुछ राज्यों में प्रतियोगिता ज्यादा रही, तो कुछ राज्यों में छात्रों को राहत मिली।
हर छात्र को अपनी स्थिति को समझदारी से देखना चाहिए और अफवाहों से दूर रहना चाहिए।
Navodaya Cut Off केवल एक पड़ाव है, आगे की राह मेहनत, धैर्य और सही दिशा से तय होती है।
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