Navodaya Vidyalaya 2027 परीक्षा 28 नवंबर को होगी — जानिए हर वो बात जो आपके काम आएगी
हर साल लाखों बच्चे और उनके माता-पिता जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिले का सपना देखते हैं, और यह सपना पूरा करने की पहली सीढ़ी है JNVST यानी जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा। इस बार यह परीक्षा 28 नवंबर 2026 (शनिवार) को आयोजित होने जा रही है, जो कक्षा 6 में सत्र 2027-28 के दाखिले के लिए होगी। अगर आपका बच्चा भी इस परीक्षा में बैठने वाला है, तो यह लेख आपके लिए ही लिखा गया है। यहां हम बात करेंगे परीक्षा की तारीख से लेकर पैटर्न, तैयारी की रणनीति और परीक्षा वाले दिन बरती जाने वाली सावधानियों तक — सब कुछ एक जगह।

नवोदय विद्यालय क्या है और यह इतना खास क्यों है
नवोदय विद्यालय समिति (NVS), शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक संस्था है जो देशभर में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) चलाती है। इन स्कूलों की खासियत यह है कि यहां पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त है, बच्चों को रहना-खाना भी स्कूल परिसर में ही मिलता है, और शिक्षा का स्तर बेहद ऊंचा माना जाता है। खासकर ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली बच्चों को शहरी बच्चों के बराबर मौका देने के मकसद से इन विद्यालयों की स्थापना हुई थी। यही वजह है कि हर साल लाखों की संख्या में बच्चे इस परीक्षा में बैठते हैं, जबकि सीटें सीमित होती हैं। इसलिए मुकाबला हर साल कड़ा होता जा रहा है।
JNVST 2027 की महत्वपूर्ण तारीखें
सबसे पहले उन तारीखों पर नजर डाल लेते हैं जो हर अभिभावक और छात्र को याद रखनी चाहिए:
- आवेदन शुरू होने की तारीख: 7 जुलाई 2026
- आवेदन की आखिरी तारीख: 31 जुलाई 2026 (कुछ राज्यों में यह तारीख आगे भी बढ़ाई जा सकती है, जैसा पिछले वर्षों में हुआ)
- परीक्षा की तारीख: 28 नवंबर 2026, शनिवार
- परीक्षा का समय: सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
- रिपोर्टिंग टाइम: सुबह 11:00 बजे तक सीट पर बैठना अनिवार्य
- दिव्यांग छात्रों के लिए अतिरिक्त समय: 40 मिनट
- परिणाम आने की संभावित तारीख: मार्च 2027 के अंत तक
एक बात ध्यान देने वाली है — नवोदय विद्यालय की परीक्षा साल में एक ही चरण में होती है, यानी “समर बाउंड” और “विंटर बाउंड” दोनों तरह के स्कूलों के लिए यह परीक्षा एक साथ होगी। इसलिए इस तारीख को कैलेंडर पर लाल घेरे में जरूर मार्क कर लें।
कौन बैठ सकता है इस परीक्षा में
बहुत से अभिभावकों के मन में यह सवाल रहता है कि उनका बच्चा इस परीक्षा के लिए योग्य है या नहीं। नियम कुछ इस तरह हैं:
पहली शर्त यह है कि जो बच्चा सत्र 2026-27 में किसी मान्यता प्राप्त स्कूल की कक्षा 5 में पढ़ रहा हो, वही आवेदन कर सकता है। दूसरी अहम बात उम्र से जुड़ी है — बच्चे का जन्म समिति द्वारा तय की गई तारीखों के बीच होना चाहिए, जो आमतौर पर 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच रहती है (सटीक तारीखें आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस में दी जाती हैं, इसलिए एक बार वहां जरूर जांच लें)।
एक और जरूरी नियम यह है कि जिस जिले से बच्चा आवेदन कर रहा है, उसे उसी जिले में कम से कम पिछले तीन साल से पढ़ाई करनी चाहिए। यानी अगर बच्चा बीच में स्कूल या जिला बदल चुका है, तो इस बात का खास ख्याल रखें। साथ ही, एक छात्र सिर्फ एक बार ही यह परीक्षा दे सकता है — अगर पहले किसी वजह से परीक्षा दी जा चुकी है तो दोबारा मौका नहीं मिलता।
आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, यानी यह पूरी प्रक्रिया मुफ्त है। आवेदन navodaya.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन ही किया जाता है, और आधार कार्ड या निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखना जरूरी होता है।

परीक्षा का पैटर्न — कहां कितने नंबर मिलेंगे
अब बात करते हैं असली मुद्दे की, यानी परीक्षा कैसी होती है। JNVST की परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में होती है और इसमें कुल 80 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा की अवधि 2 घंटे यानी 120 मिनट की होती है। सबसे राहत की बात यह है कि इसमें कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती, यानी गलत जवाब देने पर नंबर नहीं कटते।
पूरा पेपर तीन हिस्सों में बंटा होता है:
मानसिक योग्यता परीक्षण (Mental Ability Test) — इसमें 40 प्रश्न होते हैं और यह हिस्सा 50 अंकों का होता है। इस भाग को हल करने के लिए लगभग 60 मिनट का समय सुझाया जाता है। यहां बच्चों की तार्किक सोच परखी जाती है — जैसे आकृतियों को पहचानना, दर्पण प्रतिबिंब, जल प्रतिबिंब, श्रृंखला पूरी करना, कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा ज्ञान और वर्गीकरण जैसे सवाल।
अंकगणित परीक्षण (Arithmetic Test) — इसमें 20 प्रश्न होते हैं जो 25 अंकों के लिए पूछे जाते हैं, और इसके लिए लगभग 30 मिनट दिए जाते हैं। यह भाग कक्षा 5 तक के गणित पर आधारित होता है।
भाषा परीक्षण (Language Test) — इसमें भी 20 प्रश्न 25 अंकों के लिए पूछे जाते हैं, और समय लगभग 30 मिनट का रहता है। यह भाग गद्यांश पढ़कर समझने और भाषा की बुनियादी समझ जांचने के लिए होता है।
एक अहम बात यह भी है कि पास होने के लिए हर विषय में न्यूनतम अंक लाना जरूरी होता है — आमतौर पर मानसिक योग्यता में 14 में से, अंकगणित और भाषा में 7-7 अंक न्यूनतम माने जाते रहे हैं, हालांकि सटीक कट-ऑफ हर साल आधिकारिक सूचना में दी जाती है। बच्चों को उसी भाषा में प्रश्नपत्र दिया जाता है जो उन्होंने आवेदन के समय चुनी थी, और बाद में इसे बदला नहीं जा सकता।
चूंकि हाल के वर्षों में कुछ राज्यों में पर्यावरण अध्ययन (EVS) से जुड़े सवाल भी मानसिक योग्यता खंड में जोड़े जाने की खबरें आई हैं, इसलिए तैयारी करते समय हमेशा NVS की ताजा आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस जरूर देख लें, ताकि किसी भी बदलाव से अनजान न रहें।

तैयारी कैसे करें — असरदार रणनीति
अब तक हमने तारीखें और पैटर्न समझ लिया, अब बात करते हैं तैयारी की। ध्यान रखने वाली बात यह है कि नवोदय की परीक्षा में सिलेबस बहुत भारी नहीं है, बल्कि इसमें बच्चे की समझ और स्पीड की परीक्षा ली जाती है।
सबसे पहला कदम यह होना चाहिए कि बच्चा कक्षा 5 तक की NCERT किताबों को अच्छी तरह पढ़े, क्योंकि पूरा पेपर इसी स्तर पर आधारित होता है। इसके बाद मानसिक योग्यता वाले हिस्से पर सबसे ज्यादा ध्यान दें, क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा अंक हैं। रोजाना कम से कम आधा घंटा सिर्फ रीजनिंग के सवालों पर खर्च करना फायदेमंद रहता है।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना सबसे कारगर तरीका है। इससे बच्चे को पता चलता है कि किस तरह के सवाल दोहराए जाते हैं और समय प्रबंधन कैसे करना है। हफ्ते में कम से कम दो-तीन बार पूरा मॉक टेस्ट देकर 2 घंटे की समय-सीमा में सभी सवाल हल करने की आदत डालनी चाहिए। इससे परीक्षा के दिन घबराहट कम होती है।
चूंकि निगेटिव मार्किंग नहीं है, इसलिए बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि किसी भी सवाल को खाली न छोड़ें — अगर पक्का जवाब नहीं आता तो भी अंदाजे से सही विकल्प चुनने की कोशिश करें। साथ ही OMR शीट भरने का अभ्यास भी जरूर करवाएं, क्योंकि कई बार बच्चे सही जवाब जानते हुए भी गोला सही जगह नहीं भर पाते और नंबर गंवा बैठते हैं।
परीक्षा से पहले जान लें ये जरूरी बातें
अब आते हैं उस हिस्से पर जो सबसे ज्यादा मायने रखता है — परीक्षा के दिन और उससे ठीक पहले किन बातों का ध्यान रखना है।
एडमिट कार्ड समय रहते डाउनलोड कर लें। आमतौर पर एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले वेबसाइट पर जारी होता है। इसे डाउनलोड करके तुरंत जांच लें कि नाम, फोटो, परीक्षा केंद्र जैसी सभी जानकारियां सही हैं। अगर कोई गड़बड़ी दिखे तो समय रहते संबंधित कार्यालय से संपर्क करें, आखिरी दिन के लिए न छोड़ें।
परीक्षा केंद्र पहले से देख आएं। अगर संभव हो तो परीक्षा से एक-दो दिन पहले ही केंद्र तक जाकर रास्ता समझ लें, ताकि परीक्षा वाले दिन देरी या भटकाव की नौबत न आए। याद रखें, सुबह 11:00 बजे तक सीट पर बैठना अनिवार्य है, इसलिए घर से समय रहते निकलें।
जरूरी दस्तावेज साथ रखें। एडमिट कार्ड के अलावा पहचान से जुड़ा कोई प्रमाण (जैसा आवेदन में मांगा गया हो) और पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखना न भूलें।
स्टेशनरी पहले से तैयार कर लें। नीली/काली बॉल पेन, पेंसिल, इरेजर पहले रात को ही बैग में रख दें ताकि सुबह भागदौड़ न करनी पड़े। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कैलकुलेटर या किसी तरह की स्मार्ट वॉच परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होती, इसलिए इन्हें घर पर ही छोड़ें।
परीक्षा से पहले की रात हल्की रहे। आखिरी दिन नए टॉपिक पढ़ने के बजाय जो पहले से तैयार है उसे ही दोहराएं। बच्चे को पर्याप्त नींद लेने दें, क्योंकि थका हुआ दिमाग परीक्षा में सही तरीके से काम नहीं कर पाता।
समय का बंटवारा समझाएं। चूंकि तीनों खंडों के लिए अलग-अलग समय सुझाया गया है, बच्चे को यह सिखाएं कि किसी एक सवाल में ज्यादा समय न फंसाएं। अगर कोई सवाल मुश्किल लगे तो उसे छोड़कर आगे बढ़ें और अंत में समय बचे तो वापस आएं।
घबराहट को दूर रखें। कई बच्चे परीक्षा हॉल में पहुंचकर घबरा जाते हैं। अभिभावकों की भूमिका यहां बहुत अहम हो जाती है — बच्चे पर नंबरों का दबाव डालने के बजाय उसे यह भरोसा दिलाएं कि उसने जितनी मेहनत की है, वह काफी है।
परिणाम और उसके बाद की प्रक्रिया
परीक्षा के बाद परिणाम आमतौर पर मार्च 2027 के आसपास घोषित होने की उम्मीद है। परिणाम आने के बाद चयनित छात्रों को दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और स्कूल से जुड़े दस्तावेज दिखाने होते हैं। इसके बाद ही दाखिला पक्का माना जाता है। इसलिए परिणाम आने के बाद भी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
JNVST 2027 की परीक्षा कब होगी?
यह परीक्षा 28 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
आधिकारिक तौर पर 31 जुलाई 2026 अंतिम तारीख रखी गई है, हालांकि पिछले वर्षों के रुझान को देखते हुए यह आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
क्या परीक्षा में निगेटिव मार्किंग है?
नहीं, इस परीक्षा में गलत उत्तर के लिए कोई अंक नहीं काटा जाता।
परिणाम कब आएगा?
परिणाम की घोषणा मार्च 2027 के अंत तक होने की उम्मीद है।
क्या एक छात्र दोबारा परीक्षा दे सकता है?
नहीं, एक छात्र जीवन में सिर्फ एक बार ही यह परीक्षा दे सकता है।
आखिरी बात
नवोदय विद्यालय में दाखिला पाना किसी भी बच्चे और परिवार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी और समय पर तैयारी सबसे जरूरी है। तारीखें याद रखें, सिलेबस के मुताबिक व्यवस्थित तैयारी करें, और परीक्षा के दिन शांत मन से केंद्र पर पहुंचें। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि किसी भी आधिकारिक सूचना, तारीख में बदलाव या दस्तावेज संबंधी जानकारी के लिए हमेशा navodaya.gov.in की वेबसाइट पर नजर बनाए रखें, क्योंकि परीक्षा से जुड़ी अंतिम और सटीक जानकारी वहीं से मिलती है।
Navodaya की तैयारी कर रहे हैं तो नया Syllabus जरूर देखें!
क्या बदल गया Navodaya का Syllabus? पूरी जानकारी
नवोदय 2027 का नया Syllabus जानकर चौंक जाएंगे!
Navodaya का नया Syllabus आ गया? तैयारी बदलनी पड़ेगी!